Kanke, Ranchi, Jharkhand

( A State Government University )

‘राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफल होने के लिए स्वयं पर विश्‍वास जरूरी’

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई के सौजन्य से कृषि एवं उद्यान के स्नातक विद्यार्थियों के लिए शनिवार को संवाद कार्यक्रम और सफलता के रहस्य विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। 

संवाद कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के अमनदीप ने विद्यार्थियों को आईसीएआर द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाने वाली जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा को क्लियर करने पर चर्चा की। परीक्षा में सफल होने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिया।

बीएयू अल्‍युमिनी एवं आईएआरआई पीएचडी स्कॉलर अमनदीप ने बताया कि तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थी करीब-करीब एक समान होते है। वर्तमान परिवेश में कृषि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर करने के लिए विद्यार्थियों के बीच कड़ी स्पर्धा है, लेकिन विद्यार्थियों के लिए अवसर भी कहीं ज्यादा है। विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में सफल होने के लिए स्वयं के ऊपर और वरीय छात्रों एवं शिक्षकों पर विश्वास का होना पहली जरूरत है।

अमनदीप ने कहा कि लगाव वाले विषय का चयन एवं स्मार्ट स्टडीज पर फोकस करे। मुख्य विषय के साथ सब्सिडियरी विषय का गहन अध्ययन जरूरी है। विषयों के मौलिक बातों पर विशेष पकड़ रखने से चीजे आसान होगी। कृषि क्षेत्र में जेआरएफ एवं एसआरएफ परीक्षा में सफल होकर उच्च शिक्षा के काफी अवसर है। इन्हें क्वालीफाई कर आईसीएआर फेलोशिप से अच्छे राष्ट्रीय संस्थानों से उच्च शिक्षा से कैरियर को संवारा जा सकता है। यह कड़ी मेहनत अन्य प्रतियोगिता में भी उपयोगी साबित होगी।

मौके पर आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन (रांची) के मोटिवेटर सुमित कुमार ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के रहस्य की कला बताई। उन्होंने सफल होने के लिए विद्यार्थियों को मुख्य रूप से ध्यान केन्द्रित, विश्वास और भावनात्मक स्थायित्व का होना जरूरी बताया। विद्यार्थियों को सफल होने के लिए परीक्षा के तीन महीने पहले विषय पर फोकस एवं अलर्ट होने के साथ ही रिलैक्स का होना जरूरी है। खुशी मन से सफलता ज्यादा मिलती है। जीवन में खुश रहने से नकारात्मक बातें दूर होती है।

मंगलवार से बीएयू छात्रों के लिए आर्ट ऑफ लिविंग का 5 दिवसीय शिविर लगाया जायेगा। छात्र अपना रजिस्ट्रेशन कराकर शिविर का लाभ उठा सकते है। 
इस अवसर पर डॉ एस कर्मकार, डॉ निभा बाड़ा एवं डॉ बीके झा ने छात्रों को प्रेरित किया। मौके पर आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के शशांक शेखर, श्रेयसी एवं जॉली, विद्यार्थी प्रतिनिधि अनीश राज एवं प्रज्ञा सुमन सहित रांची कृषि महाविद्यालय एवं उद्यान महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं संख्या में मौजूद थे।