Kanke, Ranchi, Jharkhand

( A State Government University )

बिरसा कृषि विवि के 83 छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में मिली सफलता

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित जेआरएफ- 2021 का परीक्षाफल घोषित कर दिया है। यह परीक्षा देश के सभी राज्य कृषि विश्वविद्यालय, केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, डीम्ड कृषि विश्वविद्यालय एवं आईसीएआर संस्थानों में स्नातकोत्तर विषयों में नामांकन से सबंधित है। इसे हर एक साल आईसीएआर आयोजित करता है।

इस वर्ष की जेआरएफ-2021 परीक्षा में झारखंड के एकमात्र बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के 83 स्नातक छात्र-छात्राओं ने क्वालीफाई किया है। इसमें पशु चिकित्सा संकाय के अधीन वेटनरी कॉलेज व फिशरीज साइंस और कृषि संकाय अधीन कांके (रांची), गढ़वा, गोड्डा व देवघर के एग्रीकल्चर से अंडर ग्रेजुएट डिग्रीधारी शामिल हैं।

इस परीक्षा में बीएयू अधीन संचालित गुमला स्थित राज्य के एकमात्र फिशरीज साइंस कॉलेज के पहले बैच के 25 डिग्रीधारक छात्रों में 17 छात्र-छात्राओं ने क्वालीफाई किया है। इनमें 15 रैंक के साथ रंजू कुमारी, 24 रैंक के साथ अंकित कुमार और 53 रैंक के साथ अनुराग सिंह शामिल है। कॉलेज के एसोसिएट डीन डॉ एके सिंह ने कहा कि वर्ष 2017 में स्थापित कॉलेज के पहले बैच के छात्रों का राष्ट्रीय स्तर की सफलता को गर्व की बात है। इस सफलता से छात्र देश के बड़े संस्थानों के स्नात्तकोत्तर कोर्स में नामांकन ले सकेंगे।

इस सफलता पर कॉलेज के प्राध्यापक डॉ श्वेता कुमारी, डॉ प्रशांत जाना, डॉ जगपाल, डॉ ओपीके रवि, डॉ हरिओम वर्मा, डॉ जयराज, डॉ वीरेंद्र कुमार आदि ने छात्रों को शुभकामनायें दी है।

डीन वेटनरी डॉ सुशील प्रसाद ने बताया कि कांके स्थित वेटनरी कॉलेज से जेआरएफ-2021 परीक्षा में 92 प्रतिशत छात्र सफल हुए है। कॉलेज के 25 वेटनरी अंडर ग्रेजुएट डिग्रीधारक छात्र-छात्राओं में से 23 छात्रों ने इस परीक्षा को क्वालीफाई किया है। काउंसलिंग के बाद छात्रों को देश के प्रतिष्ठित वेटनरी संस्थानों में नामांकन का अवसर मिलेगा।

डीन एग्रीकल्चर डॉ एसके पाल ने बताया कि कृषि संकाय अधीन संचालित 4 एग्रीकल्चर कॉलेज से कुल 33 छात्र-छात्राओं को जेआरएफ-2021 परीक्षा में सफलता मिली है। इनमें रांची कृषि कॉलेज से 15, कृषि कॉलेज, गढ़वा से 7, तिलका मांझी कृषि कॉलेज, गोड्डा से 7 और रविन्द्र नाथ टैगोर कृषि कॉलेज, देवघर से 3 छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर स्नातकोत्तर कोर्स में नामांकन की पात्रता हासिल की है।

बताते चले कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) उम्मीदवारों को पीजी डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश और जेआरएफ तहत कोर्स अवधि में प्रतिमाह फेलोशिप व शोध के लिए दो किस्तों में सहायता राशि प्रदान करने के लिए अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा (एआईसीई) आयोजित करता है। आईसीएआर जेआरएफ का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की ओर से किया जाता है। कृषि, बागवानी, वानिकी, पशु चिकित्सा, पशु विज्ञान, कृषि के विभिन्न विषयों में पीजी डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आईसीएआर जेआरएफ को देश भर के 88 शहरों में 73 विषयों में आयोजित करता है।

कुलपति डॉ ओंकार नाथ सिंह ने इतनी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं जेआरएफ-2021 परीक्षा में मिली सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने शिक्षकों एवं छात्रों का उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों से छात्र-छात्राओं को अलग क्लास व कोचिंग सुविधा प्रदान करने और इस दिशा में परिश्रम करने का अनुरोध किया।